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दिवाली त्यौहार से जुडी बाते 2023 | Diwali Festival - Blog 150

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दिवाली त्यौहार से जुडी बाते 2023 दिवाली क्यों मनाई जाती है (Why We Celebrate Diwali ?) दिवाली का त्योहार अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक है. धर्म ग्रंथों के अनुसार दिवाली के दिन श्रीराम लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद और 14 साल का वनवास पूरा कर माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे. अयोध्या नरेश के श्रीराम के स्वागत के लिए इस दिन अयोध्या नगरी सहित पूरे भारत में दीप जलाए गए थे. इसी दिन से हर साल कार्तिक अमावस्या पर दिवाली मनाई जाने लगी. इस दिन घरों को रोशन कर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है और सुख, समृद्धि, धन की कामना करते हैं. दिवाली 2023 पांच दिन का दीपोत्सव (Diwali 2023 Calendar) दिवाली का त्योहार पांच दिन तक मनाया जाता है, इसकी शुरुआत धनतेरस से होती है, दूसरे दिन नरक चतुर्दशी, तीसरे दिन दिवाली, चौथे दिन गोवर्धन पूजा और पांचवे दिन भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है. हर दिन का अपना अलग महत्व है. पांच दिन तक घर-आंगन में दीप जलाए जाते हैं और खुशियां मनाई जाती है. 1. धनतेरस 2023?(Dhanteras 2023) हिंदू धर्म में धनतेरस पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन सोना-चांदी, कपड़े सहित अन्य चीजों...

आरती संग्रह | Aarti Collection By Mahesh Pawar - Blog 149

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आरती संग्रह || Aarti Collection By Mahesh Pawar 🔸 श्री गणेश आरती 🔸 (जय गणेश जय गणेश देवा) जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ जय गणेश... एक दंत, दयावंत, चार भुजाधारी। माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥ जय गणेश... पान चढ़े, फूल चढ़े, और चढ़े मेवा। लड्डूअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥ जय गणेश... अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया। बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥ जय गणेश... सूर श्याम शरण आए, सफल कीजै सेवा। मात-पिता सहित स्वामी, करिए कृपा देवा॥ जय गणेश...

4 आधुनिक खेती के तरीके जो हर किसान को जानने चाहिए | Modern Farming Techniques Every Farmer Should Know - Blog 148

4 लोकप्रिय आधुनिक खेती के तरीके सटीक खेती, हाइड्रोपोनिक्स, एक्वापोनिक्स और वर्टिकल खेती आधुनिक खेती के तरीकों के कुछ उदाहरण हैं जो किसानों के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं। ये तरीके दक्षता बढ़ाते हैं, बर्बादी कम करते हैं और उपभोक्ताओं को ताज़ा और टिकाऊ उत्पाद प्रदान करते हैं। ट्रैक्टर से खेती करना दुनिया भर के किसानों द्वारा अपनाई जाने वाली एक पुरानी और भरोसेमंद प्रथा है। हालाँकि, जैसे-जैसे विश्व की जनसंख्या बढ़ती जा रही है, भोजन की माँग भी बढ़ती जा रही है। परिणामस्वरूप, खेती के ट्रैक्टरों के पूरक और अधिकतम उपज और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक खेती के तरीके विकसित किए गए हैं। इस ब्लॉग पोस्ट में, हम किसानों के बीच लोकप्रियता हासिल करने वाली चार लोकप्रिय आधुनिक खेती विधियों पर चर्चा करेंगे। 1. कीमती खेती: सटीक खेती : Precision Farming : परिशुद्ध खेती, जिसे उपग्रह खेती के रूप में भी जाना जाता है, एक आधुनिक कृषि पद्धति है जो फसल उत्पादन के प्रबंधन के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करती है। यह विधि फसल स्वास्थ्य, मिट्टी की नमी और पोषक तत्वों के स्तर को समझने के लिए डेटा विश्लेषण, उपग...

नये घर बनाने का शुभ मुहूर्त कैसे देखें | How to Choose a Shubh Muhurat for Constructing a New House - Blog 147

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वास्तु पूजन और शिलान्यास क्यों जरूरी है? भूमि का अर्थ है पृथ्वी और शिलान्यास का अर्थ है पहला पत्थर आपके भवन का। किसी जगह को अपना बसेरा बनाना चाह रहे हैं तो आपको देवताओं से आज्ञा लेने होते हैं। जिस भूमि के मालिक आप हैं वह भूमि लाखों साल से है। आज से 10000 साल पहले उस भूमि पर क्या था आपको पता है? यह भूमि शुभ है अशुभ है यह भी आपको नहीं पता। इसलिए उस भूमि का दोष मुक्त होना, कुलदेवता से से आज्ञा लेना, देवताओं को आवाहन करना, बहुत जरूरी होता है। देवी देवता, नवग्रह, कुलदेवता, ग्राम देवता, को सूचित करना जरूरी हो जाता है। और यही माध्यम है वास्तु पूजन का इसीलिए शुभ मुहूर्त निकाला जाता है ताकि शुभ मुहूर्त में ही देवी देवता आते हैं। इसलिए पूजा पाठ का महत्व है और शिलान्यास का महत्व है। ताकि वह भूमि दोषमुक्त हो जाए और आपके रहने योग्य और घर बनाने योग्य हो जाए। इसलिए सही मुहूर्त में पूजा पाठ करके शिलान्यास करना, ईट रखना जरूरी होता है। नये घर बनाने का शुभ मुहूर्त कैसे देखें घर के निर्माण या भूमि पूजा - सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार भूमि पूजा के लिए  अच्छी  तिथि :- भूमि पूजा के लिए...

किसानों को किस कीमत पर मिलते है खाद | Latest Fertilizer Price List - Blog 146

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Latest Fertilizer Price List  किसानों को किस कीमत पर मिलते है खाद भारत में खरीफ सीज़न 2025 के लिए उर्वरक की सब्सिडी दरें और DAP/यूरिया खाद के नवीनतम रिटेल रेट नीचे हिंदी में अपडेट के साथ दिए गए हैं: 🌾 P & K उर्वरकों पर सब्सिडी दरें (खरीफ‑2025) DAP (18‑46‑0‑0) : ₹27,799/टन MOP (0‑0‑60‑0) : ₹1,428/टन NPK (15‑15‑15) : ₹13,350/टन Eu‑SSP Complex (5‑15‑0‑10) : ₹8,952/टन SSP (0‑16‑0‑11) : ₹7,263/टन बोरोन फोर्टिफाइड : ₹300/टन जिंक फोर्टिफाइड : ₹500/टन ( krishakjagat.org ) 🛒 DAP और यूरिया खाद की रिटेल कीमतें (बिना सब्सिडी के – June 2025) उर्वरक पैक आकार बाज़ार मूल्य (₹) यानी एक्स‑इंडिया यूरिया 45 किग्रा बोरा ₹2,450 डीएपी 50 किग्रा बोरा ₹4,073 एनपीके 50 किग्रा बोरा ₹3,291 MOP 50 किग्रा बोरा ₹2,600? (≈₹26/किग्रा) सब्सिडी के साथ ख़रीदने पर (सरकारी दरें): यूरिया (45 किग्रा): ₹266.50/बोरा DAP (50 किग्रा): ₹350/बोरा NPK, MOP: ₹14–70/बोरा (सब्सिडी के अनुसार) ( gadgetupdatehindi.in ) 📈 वैश्विक और घरेलू परिप्रेक्ष्य ...

DAP, NPK, Neem coated Urea खाद का ख़ासियत, विधि, कब और कितना इस्तेमाल करें - Blog 145

DAP, NPK, Neem coated Urea खाद का ख़ासियत, विधि, कब और कितना इस्तेमाल करें   कई किसानों को खाद डालने की सही जानकारी ना होने की वज़ह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इसलिए किसानों को DAP, NPK और Urea खाद के इस्तेमाल की जानकारी होना बहुत आवश्यक है| क्योंकि फसलों में कम या ज़्यादा खाद डालने से फसलों को हानि पहुंच सकती है और नतीजन इससे किसानों के पैसो और फसल दोनों को नुकसान हो जाता है| इसलिए आज हम आपके लिए DAP, NPK और Urea खाद की जानकारी लेकर आये हैं|  विश्व में दूसरा सबसे अधिक उर्वरक इस्तेमाल किया जाने वाला  देश  भारत है. उर्वरकों की भूमिका उपज बढ़ाने और मिट्टी को पोषक तत्वों के सही संतुलन की आपूर्ति करके स्वस्थ उत्पादन सुनिश्चित करना है। "उर्वरकों के बिना, मिट्टी समाप्त हो जाएगी और इसलिए पौधों को विकसित करना विशेष रूप से कठिन होगा। वे अकेले पानी पर जीवित नहीं रह सकते हैं, और न ही हम। उर्वरक मिट्टी को कोई ह्यूमस प्रदान नहीं करते हैं लेकिन यह मिट्टी की भौतिक स्थिति में सुधार करता है। उर्वरकों को मुख्य रूप से सभी आवश्यक पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए पौधो...

डी.ए.पी. तथा एन.पी.के. में बेहतर कौन है | DAP vs NPK - Blog 144

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डी.ए.पी.(DAP) तथा एन.पी.के.(NPK) में बेहतर कौन है ? एनपीके (NPK) और डीएपी (DAP) उर्वरक क्या है ? एनपीके व डीएपी का फुल फॉर्म, उपयोग व लाभ डी.ए.पी.(DAP) तथा एन.पी.के.(NPK) में बेहतर कौन है ? भारतीय कृषि में उर्वरक (खाद) का एक मत्वपूर्ण स्थान है | किसी भी तरह की फसल हो उसमें खाद का प्रयोग जरूर करते हैं | किसान भाई ज्यादा तर बुवाई के समय DAP तथा NPK खाद का ही प्रयोग करते हैं बिना यह जाने की इनके प्रयोग से उन्हें क्या फायदा या नुकसान है | अक्सर किसानों के पास दोनों खादों को लेकर एक ही  सवाल रहता है की दोनों में से बेहतर कौन है तथा किस फसल के लिए कौन सी खाद ज्यादा उपयोगी है | किसान समाधान आप के लिए दोनों खादों के बारे में जानकारी लेकर आया है |  डी.ए.पी.(DAP)   खाद DAP का पूरा नाम diammonium phosphate होता है | इसमें 18% नाईट्रोजन तथा 46% फास्फोरस होता है | इस18% नाईट्रोजन में से 15.5% अमोनियम नाईट्रेट होता है तथा 46% फास्फोरस में से 39.5% फास्फोरस पानी में घुलनशील होता है | बचा हुआ फास्फोरस मिट्टी में ही घुलता है | डाई अमोनियम फास्फेट (डी.ए.पी.) की पहचान किसान भाई नीचे दि...