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National Fertilizers Limited (NFL): भारत की उर्वरक शक्ति - Blog 207

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🌾 National Fertilizers Limited (NFL): भारत की उर्वरक शक्ति 🌱 “हर खेत, हर किसान तक पोषण पहुँचाने वाला देश का अग्रणी जैव और रासायनिक उर्वरक निर्माता”

किसान रंगोली फोटो | Farmer Rangoli Photos - Blog 165

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किसान रंगोली एक विशेष प्रकार की रंगोली है, जिसमें किसान, कृषि, और ग्रामीण जीवन के तत्वों को चित्रित किया जाता है। इसे विशेष रूप से कृषि त्यौहारों, जैसे मकर संक्रांति , पोंगल , या फसल कटाई के अवसर पर बनाया जाता है, ताकि खेती और किसानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा सके। किसान रंगोली के कुछ प्रमुख तत्व होते हैं: किसान रंगोली में शामिल होने वाले प्रमुख तत्व: किसान का चित्रण : किसान को हल, बैल या अन्य खेती के औजारों के साथ दिखाया जाता है, जो खेत में काम करते हुए हो सकता है। खेतों की छवि : खेतों में लहलहाती फसलें, जैसे धान, गेहूं, या अन्य फसलों को रंगों से सजाया जाता है। पानी और सूर्य : जल की बूंदें, नहरें, और सूर्य को इस प्रकार की रंगोली में अक्सर दिखाया जाता है, जो कृषि के लिए महत्वपूर्ण संसाधन हैं। ग्रामीण जीवन : गाँव के घर, पेड़, और पक्षियों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है ताकि यह ग्रामीण परिवेश को दर्शाए। अनाज और फसलें : धान, गेहूं, या अन्य अनाज के दानों का भी उपयोग करके रंगोली सजाई जा सकती है। कैसे बनाएँ: मिट्टी या रंगीन पाउडर : पारंपरिक रंगोली पाउडर (सफेद, हरा, लाल, पीला) या प्र...

PMKSY | प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना - Blog 164

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                             प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को जल संसाधनों का सही उपयोग कर सिंचाई सुविधाओं में सुधार करना और कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है। इसका फोकस "प्रति बूंद अधिक फसल" (More Crop Per Drop) के सिद्धांत पर आधारित है।  इस योजना की शुरुआत 2015 में की गई थी, और यह कृषि मंत्रालय, जल संसाधन मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत संचालित होती है। योजना के उद्देश्य: हर खेत को पानी : देश के हर खेत तक पानी पहुंचाना, जिससे सिंचाई की सुविधा बढ़ाई जा सके। सिंचाई में सुधार : जल स्रोतों का उपयोग करते हुए सूक्ष्म सिंचाई (जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर) को बढ़ावा देना। जल संरक्षण : जल की बर्बादी को रोकना और उसे संरक्षित करने की प्रक्रिया को सरल बनाना। जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण : सिंचाई के तरीकों को सुधारकर पर्यावरणीय प्रभावों को कम करना। जल दक्षता : जल का प्रभावी उपयोग और जल संरक्षण को बढ़ावा देना, जिससे ...

सीएलएस (कॉन्ट्रैक्ट लेवल फार्मिंग) या अनुबंध कृषि | Contract Farming - Blog 161

 अनुबंध कृषि  CLS Farming   CLS Farming  की  Full Form  है:  "Contract Level Farming" . यह एक कृषि प्रणाली है जिसमें किसान और कंपनी (या व्यापारी) के बीच एक अनुबंध के तहत खेती की जाती है। सीएलएस (कॉन्ट्रैक्ट लेवल फार्मिंग) या अनुबंध कृषि (Contract Farming)  एक ऐसी प्रणाली है जिसमें किसान और एक कंपनी (या किसी व्यापारी) के बीच एक अनुबंध होता है। इस अनुबंध के अंतर्गत किसान एक निश्चित फसल उगाते हैं, जिसे कंपनी या व्यापारी खरीदने के लिए पहले से तैयार होते हैं। इस प्रकार की खेती से किसानों को उनके उत्पाद का एक सुनिश्चित बाजार मिलता है, जबकि कंपनी को सुनिश्चित आपूर्ति। सीएलएस फार्मिंग के मुख्य बिंदु: कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग क्या है? अनुबंध कृषि एक ऐसा समझौता है जिसमें किसान और एक व्यापारी या कंपनी के बीच फसल उत्पादन और बिक्री की शर्तें पहले से तय की जाती हैं। इसमें उत्पादन की मात्रा, गुणवत्ता, कीमत, और समय सीमा जैसी बातें शामिल होती हैं। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कैसे काम करता है? कंपनी या व्यापारी किसान के साथ अनुबंध करता है कि वह एक निश्चित फसल उगाएगा। कंपनी या...

कृषि सब्सिडी योजनाएँ | Agriculture Subsidy Schemes in Hindi - Blog 160

कृषि सब्सिडी  (Agriculture Subsidy in Hindi) कृषि सब्सिडी भारत सरकार द्वारा किसानों को कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने और उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता है। ये सब्सिडी विभिन्न रूपों में हो सकती हैं, जैसे: नकद सब्सिडी:  सीधे किसानों के बैंक खातों में राशि जमा करना। इनपुट सब्सिडी:  बीज, उर्वरक, कीटनाशकों आदि जैसे कृषि इनपुट की लागत कम करना। ऋण सब्सिडी:  किसानों को कृषि ऋण पर ब्याज दर कम करना। मशीनरी सब्सिडी:  कृषि मशीनरी खरीदने के लिए किसानों को सब्सिडी प्रदान करना। कृषि सब्सिडी के उद्देश्य: कृषि उत्पादन बढ़ाना किसानों की आय बढ़ाना खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना कृषि क्षेत्र का विकास करना कृषि सब्सिडी के लाभ: किसानों की आय बढ़ाना कृषि उत्पादन बढ़ाना कृषि क्षेत्र का विकास करना खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना कृषि सब्सिडी के नुकसान: सरकार पर वित्तीय बोझ सब्सिडी का दुरुपयोग कृषि उत्पादों के मूल्य में वृद्धि कृषि क्षेत्र की दक्षता कम हो सकती है कृषि सब्सिडी के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की वेबसाइट पर जा सकते हैं। कृषि...

4 आधुनिक खेती के तरीके जो हर किसान को जानने चाहिए | Modern Farming Techniques Every Farmer Should Know - Blog 148

4 लोकप्रिय आधुनिक खेती के तरीके सटीक खेती, हाइड्रोपोनिक्स, एक्वापोनिक्स और वर्टिकल खेती आधुनिक खेती के तरीकों के कुछ उदाहरण हैं जो किसानों के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं। ये तरीके दक्षता बढ़ाते हैं, बर्बादी कम करते हैं और उपभोक्ताओं को ताज़ा और टिकाऊ उत्पाद प्रदान करते हैं। ट्रैक्टर से खेती करना दुनिया भर के किसानों द्वारा अपनाई जाने वाली एक पुरानी और भरोसेमंद प्रथा है। हालाँकि, जैसे-जैसे विश्व की जनसंख्या बढ़ती जा रही है, भोजन की माँग भी बढ़ती जा रही है। परिणामस्वरूप, खेती के ट्रैक्टरों के पूरक और अधिकतम उपज और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक खेती के तरीके विकसित किए गए हैं। इस ब्लॉग पोस्ट में, हम किसानों के बीच लोकप्रियता हासिल करने वाली चार लोकप्रिय आधुनिक खेती विधियों पर चर्चा करेंगे। 1. कीमती खेती: सटीक खेती : Precision Farming : परिशुद्ध खेती, जिसे उपग्रह खेती के रूप में भी जाना जाता है, एक आधुनिक कृषि पद्धति है जो फसल उत्पादन के प्रबंधन के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करती है। यह विधि फसल स्वास्थ्य, मिट्टी की नमी और पोषक तत्वों के स्तर को समझने के लिए डेटा विश्लेषण, उपग...

किसानों को किस कीमत पर मिलते है खाद | Latest Fertilizer Price List - Blog 146

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Latest Fertilizer Price List  किसानों को किस कीमत पर मिलते है खाद भारत में खरीफ सीज़न 2025 के लिए उर्वरक की सब्सिडी दरें और DAP/यूरिया खाद के नवीनतम रिटेल रेट नीचे हिंदी में अपडेट के साथ दिए गए हैं: 🌾 P & K उर्वरकों पर सब्सिडी दरें (खरीफ‑2025) DAP (18‑46‑0‑0) : ₹27,799/टन MOP (0‑0‑60‑0) : ₹1,428/टन NPK (15‑15‑15) : ₹13,350/टन Eu‑SSP Complex (5‑15‑0‑10) : ₹8,952/टन SSP (0‑16‑0‑11) : ₹7,263/टन बोरोन फोर्टिफाइड : ₹300/टन जिंक फोर्टिफाइड : ₹500/टन ( krishakjagat.org ) 🛒 DAP और यूरिया खाद की रिटेल कीमतें (बिना सब्सिडी के – June 2025) उर्वरक पैक आकार बाज़ार मूल्य (₹) यानी एक्स‑इंडिया यूरिया 45 किग्रा बोरा ₹2,450 डीएपी 50 किग्रा बोरा ₹4,073 एनपीके 50 किग्रा बोरा ₹3,291 MOP 50 किग्रा बोरा ₹2,600? (≈₹26/किग्रा) सब्सिडी के साथ ख़रीदने पर (सरकारी दरें): यूरिया (45 किग्रा): ₹266.50/बोरा DAP (50 किग्रा): ₹350/बोरा NPK, MOP: ₹14–70/बोरा (सब्सिडी के अनुसार) ( gadgetupdatehindi.in ) 📈 वैश्विक और घरेलू परिप्रेक्ष्य ...

डी.ए.पी. तथा एन.पी.के. में बेहतर कौन है | DAP vs NPK - Blog 144

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डी.ए.पी.(DAP) तथा एन.पी.के.(NPK) में बेहतर कौन है ? एनपीके (NPK) और डीएपी (DAP) उर्वरक क्या है ? एनपीके व डीएपी का फुल फॉर्म, उपयोग व लाभ डी.ए.पी.(DAP) तथा एन.पी.के.(NPK) में बेहतर कौन है ? भारतीय कृषि में उर्वरक (खाद) का एक मत्वपूर्ण स्थान है | किसी भी तरह की फसल हो उसमें खाद का प्रयोग जरूर करते हैं | किसान भाई ज्यादा तर बुवाई के समय DAP तथा NPK खाद का ही प्रयोग करते हैं बिना यह जाने की इनके प्रयोग से उन्हें क्या फायदा या नुकसान है | अक्सर किसानों के पास दोनों खादों को लेकर एक ही  सवाल रहता है की दोनों में से बेहतर कौन है तथा किस फसल के लिए कौन सी खाद ज्यादा उपयोगी है | किसान समाधान आप के लिए दोनों खादों के बारे में जानकारी लेकर आया है |  डी.ए.पी.(DAP)   खाद DAP का पूरा नाम diammonium phosphate होता है | इसमें 18% नाईट्रोजन तथा 46% फास्फोरस होता है | इस18% नाईट्रोजन में से 15.5% अमोनियम नाईट्रेट होता है तथा 46% फास्फोरस में से 39.5% फास्फोरस पानी में घुलनशील होता है | बचा हुआ फास्फोरस मिट्टी में ही घुलता है | डाई अमोनियम फास्फेट (डी.ए.पी.) की पहचान किसान भाई नीचे दि...