हरित क्रान्ति | Green Revolution of India - Blog 41
भारत में हरित क्रांति एक ऐसी क्रांति हैं। जब भारत में कृषि प्रौद्योगिकी के अनुसंधान और विकास के कारण इसकी पैदावार में वृद्धि हुई हैं। यह 1960 के दशक में भारत में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ । जिनमें अनाज के उत्पादन में वृद्धि और गन्ने की प्रजातियों का विकास शामिल हैं। हरित क्रांति ने भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में गेहूं, धान जैसी फसलो के उत्पादन में सबसे अच्छा परिणाम मिले है। भारत में हरित क्रांति की शुरुआत सन 1966-67 में हुआ था। हरित क्रान्ति के पिता (भारत) -M S स्वामीनाथन हैं। हरित क्रांति के पिता (विश्व) नॉर्मन बोरलॉग (Norman E Borlaug) हैं, जिन्होंने 1970 में नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त किया था । हरित क्रान्ति का लाभ 1 HYV Seeds 2 Increase of production 3 Bussiness of Agriculture 4 Jobs हरित क्रान्ति को जन्म देने वाले घटक / हानियाँ - 1- रासायनिक उर्वरको का अधिक प्रयोग 2- सिचाई की लघु योजनाओ का विस्तार करना। 3- सघन कृषि जीला कार्यक्र्म योजना का आरम्भ। 4-आधुनिक...