पोटाश उर्वरक (Potash fertilizer meaning in hindi):

पोटाश उर्वरक 
(Potash fertilizer meaning in Hindi)


फसलों की उत्तम वृद्धि एवं स्वास्थ्य के लिए मिट्टी मे पोटैशियम लवणों की भी आवश्यकता होती है। कृषि योग्य भूमि में पोटैशियम लवणों की कमी को पूरा करने के लिए पोटाश उर्वरकों का उपयोग किया जाता है। पोटाश उर्वरकों में पोटैशियम क्लोराइड (KCI), पोटैशियम सल्फेट (K2SO4 ) और पोटैशियम नाइट्रेट (KNO3) प्रमुख हैं।

ये सभी पोटैशियम लवण प्रकृति में पाए जाते हैं। चट्टानों को खनन करके प्रचुर मात्रा में पोटैशियम प्राप्त की जाती है। इसे समुद्री जल से भी प्राप्त किया जाता है। समुद्री जल से पोटैशियम लवणों को प्राप्त करने के लिए इससे सामान्य लवण (NaCl) पृथक कर लेने के पश्चात् बचे हुए अवशिष्ट पदार्थों (मातृद्रव) का प्रभाजी रवाकरण किया जाता है।

Potash Fertilizer का हिंदी में अर्थ होता है:

पोटाश उर्वरक

या

पोटाश युक्त खाद

यह ऐसी खाद होती है जिसमें मुख्य पोषक तत्व पोटैशियम (Potassium) होता है।
पोटैशियम पौधों को मजबूत बनाता है और उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाता है।

सामान्य पोटाश उर्वरक

  • म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP)

  • सल्फेट ऑफ पोटाश (SOP)

पोटाश के मुख्य फायदे 🌱

  • पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है

  • दाना और फल का आकार अच्छा करता है

  • फसल गिरने से बचती है

  • पानी की कमी सहने की क्षमता बढ़ती है

  • फल और सब्जियों की गुणवत्ता बेहतर होती है

पोटाश की कमी के लक्षण

  • पत्तियों के किनारे पीले या जले हुए दिखना

  • पौधे कमजोर होना

  • दाने छोटे रहना

  • फल की गुणवत्ता खराब होना

उपयोग का सही समय

  • बुवाई के समय मिट्टी में देना सबसे अच्छा

  • कुछ फसलों में टॉप ड्रेसिंग के रूप में भी उपयोग किया जाता है।

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