फसल के अनुसार उर्वरक और खाद के विषय | Crop-Wise Fertilizer & Manure Topics
🟠 E. Crop-Wise Fertilizer & Manure Topics
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गेहूं की फसल में खाद प्रबंधन
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धान में खाद का सही उपयोग
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मक्का में उर्वरक योजना
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सब्जियों में खाद का प्रयोग
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फलदार पौधों के लिए खाद
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दलहनी फसलों में जैव उर्वरक
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तिलहन फसलों में खाद प्रबंधन
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गन्ने में उर्वरक उपयोग
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कपास में खाद योजना
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जैविक खेती में फसल अनुसार खाद
गेहूं की फसल में खाद प्रबंधन 🌾
गेहूं में संतुलित खाद देने से उत्पादन, दाना भराव और गुणवत्ता अच्छी होती है।
1. खेत की तैयारी के समय
8–10 टन गोबर की सड़ी खाद प्रति एकड़ डालें।
अंतिम जुताई में मिला दें।
2. रासायनिक खाद मात्रा (प्रति एकड़)
यूरिया : 45–50 किलो
डीएपी : 50 किलो
पोटाश (MOP) : 20 किलो
जिंक सल्फेट : 10 किलो (यदि कमी हो)
3. खाद देने का सही समय
पहली खुराक (बुवाई के समय)
पूरी डीएपी + पूरी पोटाश
यूरिया की आधी मात्रा
दूसरी खुराक
पहली सिंचाई (20–25 दिन) पर बची हुई यूरिया
तीसरी खुराक (यदि फसल कमजोर हो)
दूसरी सिंचाई पर 10–15 किलो यूरिया
4. महत्वपूर्ण सुझाव
अधिक यूरिया से फसल गिर सकती है।
सल्फर और जिंक की कमी होने पर पत्तियां पीली पड़ती हैं।
ड्रिप या स्प्रे में नैनो यूरिया का उपयोग किया जा सकता है।
धान में खाद का सही उपयोग 🌾
धान में खाद का उपयोग खेत की किस्म, पानी और मिट्टी पर निर्भर करता है।
1. प्रति एकड़ सामान्य खाद मात्रा
यूरिया : 55–60 किलो
डीएपी : 50 किलो
पोटाश : 20–25 किलो
जिंक सल्फेट : 10 किलो
2. खाद देने का तरीका
रोपाई के समय
पूरी डीएपी
पूरी पोटाश
यूरिया की 1/3 मात्रा
पहली टॉप ड्रेसिंग
रोपाई के 20–25 दिन बाद
यूरिया की 1/3 मात्रा
दूसरी टॉप ड्रेसिंग
बालियां निकलने से पहले
बची हुई यूरिया
3. ध्यान रखने योग्य बातें
पानी भरे खेत में यूरिया डालने से नुकसान हो सकता है।
हल्की नमी में खाद देना बेहतर रहता है।
नैनो यूरिया स्प्रे से यूरिया की बचत होती है।
मक्का में उर्वरक योजना 🌽
मक्का में संतुलित पोषण से दाने बड़े और उत्पादन अधिक मिलता है।
1. प्रति एकड़ खाद मात्रा
यूरिया : 50–55 किलो
डीएपी : 50 किलो
पोटाश : 20 किलो
जिंक सल्फेट : 8–10 किलो
2. खाद देने का समय
बुवाई के समय
पूरी डीएपी
पूरी पोटाश
यूरिया की 1/3 मात्रा
घुटना अवस्था (20–25 दिन)
यूरिया की 1/3 मात्रा
फूल आने से पहले
बची हुई यूरिया
3. माइक्रोन्यूट्रिएंट प्रबंधन
जिंक की कमी पर सफेद धारियां दिखती हैं।
19:19:19 या सूक्ष्म पोषक तत्व का फोलियर स्प्रे उपयोगी रहता है।
अतिरिक्त सलाह ✅
मिट्टी परीक्षण के आधार पर खाद देना सबसे अच्छा रहता है।
जैविक खाद + रासायनिक खाद का संतुलित उपयोग करें।
ड्रिप फर्टिगेशन में घुलनशील खाद ज्यादा प्रभावी रहती है।
नैनो यूरिया का स्प्रे शाम के समय करें।
सब्जियों में खाद का प्रयोग 🥦🍅
सब्जियों में संतुलित खाद देने से उत्पादन, स्वाद और गुणवत्ता बेहतर होती है। अलग-अलग सब्जियों की जरूरत अलग होती है, लेकिन सामान्य खाद प्रबंधन इस प्रकार रखा जा सकता है।
1. खेत तैयारी के समय
8–12 टन सड़ी गोबर खाद प्रति एकड़
वर्मी कम्पोस्ट : 1–2 टन प्रति एकड़
2. सामान्य रासायनिक खाद मात्रा (प्रति एकड़)
डीएपी : 50 किलो
यूरिया : 40–50 किलो
पोटाश : 25–30 किलो
3. खाद देने का तरीका
बुवाई/रोपाई के समय
पूरी डीएपी
पूरी पोटाश
यूरिया की आधी मात्रा
बढ़वार अवस्था
बची हुई यूरिया 2 भागों में दें
4. फोलियर स्प्रे
19:19:19 : 5 ग्राम/लीटर
कैल्शियम नाइट्रेट : फल फटने से बचाव
सूक्ष्म पोषक तत्व स्प्रे : 15–20 दिन के अंतराल पर
5. विशेष सावधानी
अधिक नाइट्रोजन से केवल पत्तियां बढ़ती हैं।
ड्रिप फर्टिगेशन में घुलनशील खाद अधिक प्रभावी रहती है।
फलदार पौधों के लिए खाद 🍋🥭
फलदार पौधों में उम्र और मौसम के अनुसार खाद दी जाती है।
1. गोबर खाद
छोटे पौधे : 10–15 किलो प्रति पौधा
बड़े पेड़ : 40–50 किलो प्रति पौधा
2. रासायनिक खाद (सामान्य मात्रा)
छोटे पौधे
यूरिया : 200–500 ग्राम
डीएपी : 250–400 ग्राम
पोटाश : 200–300 ग्राम
बड़े फलदार पेड़
यूरिया : 1–2 किलो
डीएपी : 1–1.5 किलो
पोटाश : 1 किलो तक
3. खाद देने का सही समय
बरसात शुरू होने से पहले
फूल आने से पहले
फल बनने के समय
4. माइक्रोन्यूट्रिएंट
जिंक, बोरॉन और कैल्शियम का स्प्रे उपयोगी
समुद्री शैवाल (Seaweed) और जैव-उत्तेजक से फल गुणवत्ता बढ़ती है
दलहनी फसलों में जैव उर्वरक 🌱
चना, अरहर, मूंग, उड़द जैसी फसलों में जैव उर्वरक बहुत लाभकारी होते हैं।
प्रमुख जैव उर्वरक
1. राइजोबियम (Rhizobium)
जड़ों में गांठ बनाकर नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है।
यूरिया की आवश्यकता कम होती है।
2. पीएसबी (PSB)
मिट्टी में फास्फोरस उपलब्ध कराता है।
3. एजोटोबैक्टर
पौधों की बढ़वार तेज करता है।
उपयोग विधि
बीज उपचार
1 पैकेट (200 ग्राम) जैव उर्वरक 10–12 किलो बीज के लिए
मिट्टी उपचार
2–4 किलो जैव उर्वरक गोबर खाद में मिलाकर खेत में डालें
लाभ
मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है
लागत कम होती है
उत्पादन में सुधार होता है
तिलहन फसलों में खाद प्रबंधन 🌻
सरसों, सोयाबीन, तिल, मूंगफली आदि में संतुलित पोषण जरूरी है।
1. सामान्य खाद मात्रा (प्रति एकड़)
सरसों
डीएपी : 40–50 किलो
यूरिया : 25–30 किलो
सल्फर : 10 किलो
सोयाबीन
डीएपी : 50 किलो
पोटाश : 20 किलो
राइजोबियम कल्चर उपयोगी
मूंगफली
जिप्सम : 100 किलो प्रति एकड़
कैल्शियम और सल्फर आवश्यक
2. महत्वपूर्ण पोषक तत्व
सल्फर से तेल की मात्रा बढ़ती है।
बोरॉन की कमी से दाने कमजोर बनते हैं।
3. स्प्रे प्रबंधन
13:00:45 या 19:19:19 का स्प्रे फूल अवस्था में लाभकारी
सूक्ष्म पोषक तत्व स्प्रे से उत्पादन बढ़ता है
उपयोगी सुझाव ✅
मिट्टी परीक्षण के अनुसार खाद मात्रा तय करें।
जैविक + रासायनिक खाद का संतुलित उपयोग करें।
ड्रिप फर्टिगेशन में पानी के साथ घुलनशील खाद दें।
नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग लागत कम कर सकता है।
गन्ने में उर्वरक उपयोग 🎋
गन्ना लंबी अवधि की फसल है, इसलिए इसमें संतुलित और चरणबद्ध खाद प्रबंधन बहुत जरूरी होता है।
1. खेत तैयारी के समय
10–15 टन सड़ी गोबर खाद प्रति एकड़
प्रेसमड या कम्पोस्ट का उपयोग लाभकारी
2. रासायनिक खाद मात्रा (प्रति एकड़)
यूरिया : 100–120 किलो
डीएपी : 50 किलो
पोटाश : 40–50 किलो
जिंक सल्फेट : 10 किलो (जरूरत अनुसार)
3. खाद देने का समय
बुवाई के समय
पूरी डीएपी
पूरी पोटाश
यूरिया की 1/3 मात्रा
पहली टॉप ड्रेसिंग
35–45 दिन बाद
यूरिया की 1/3 मात्रा
दूसरी टॉप ड्रेसिंग
70–90 दिन बाद
बची हुई यूरिया
4. सूक्ष्म पोषक तत्व
जिंक और आयरन की कमी पर पत्तियां पीली पड़ती हैं।
19:19:19 या सूक्ष्म पोषक स्प्रे उपयोगी
5. ड्रिप फर्टिगेशन
पानी के साथ घुलनशील खाद देने से उर्वरक की बचत और उत्पादन में वृद्धि होती है।
कपास में खाद योजना 🌿
कपास में संतुलित पोषण से बॉल्स (फल) अधिक बनते हैं और गिरावट कम होती है।
1. खेत तैयारी
8–10 टन गोबर खाद प्रति एकड़
2. खाद मात्रा (प्रति एकड़)
डीएपी : 50 किलो
यूरिया : 50–60 किलो
पोटाश : 25–30 किलो
जिंक सल्फेट : 10 किलो
3. खाद देने का समय
बुवाई के समय
पूरी डीएपी
पूरी पोटाश
यूरिया की आधी मात्रा
45–50 दिन बाद
बची हुई यूरिया
4. स्प्रे प्रबंधन
फूल अवस्था में
13:00:45 स्प्रे लाभकारी
बॉल विकास अवस्था
मैग्नीशियम सल्फेट + सूक्ष्म पोषक तत्व स्प्रे
5. सावधानियां
अधिक नाइट्रोजन से केवल बढ़वार बढ़ती है और फल कम लगते हैं।
संतुलित पोटाश से रेशा गुणवत्ता बेहतर होती है।
जैविक खेती में फसल अनुसार खाद 🌱
जैविक खेती में रासायनिक खाद की जगह प्राकृतिक और जैविक स्रोतों से पोषण दिया जाता है।
1. अनाज फसलें (गेहूं, धान, मक्का)
गोबर खाद : 8–10 टन प्रति एकड़
जीवामृत : 15–20 दिन अंतराल पर
वर्मी कम्पोस्ट : 1–2 टन प्रति एकड़
2. दलहनी फसलें
राइजोबियम कल्चर
पीएसबी जैव उर्वरक
कम नाइट्रोजन की आवश्यकता
3. सब्जियां
वर्मी कम्पोस्ट
नीम खली
बोनमील
समुद्री शैवाल स्प्रे
4. फलदार पौधे
गोबर खाद + कम्पोस्ट
जीवामृत और घनजीवामृत
मल्चिंग से नमी संरक्षण
5. तिलहन फसलें
नीम खली
सल्फर युक्त जैविक खाद
जैव उर्वरकों का उपयोग
प्रमुख जैविक खाद 🌿
| खाद | लाभ |
|---|---|
| गोबर खाद | मिट्टी सुधार |
| वर्मी कम्पोस्ट | सूक्ष्म पोषक तत्व |
| नीम खली | कीट नियंत्रण + पोषण |
| जीवामृत | सूक्ष्मजीव वृद्धि |
| बोनमील | फास्फोरस स्रोत |
| समुद्री शैवाल | पौध वृद्धि |
उपयोगी सुझाव ✅
मिट्टी परीक्षण जरूर करवाएं।
फसल चक्र अपनाएं।
जैविक खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं।
ड्रिप सिंचाई के साथ जैविक घुलनशील खाद उपयोगी रहती है।
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